Beyhaad

Excerpt: This is a poem which shows the power of love. The love which doesn't have any limits. The love which even god can't break.Its BEYHAAD love.. (Reads: 137)

 

 बेहद

एक ऐसा प्यार जो किसी हद को ना मने,
है ये ऐसा जूनून जो सिर्फ प्यार करने वाले जाने,
जुनून भी एस कि पूरे कायनात से लड जाय,
वही है प्यार जो बेहढ केहलाए।

एक ऐसा प्यार जो ईबादत बन जाए,
ईबादत एसी जो खूदा से मीलाऐ,
ख़ुदा भी जिस प्यार के आगे झुक जाए
वही है प्यार जो बेहद केहलाए।

एक ऐसा प्यार जो ताकत बन जाये,
ताकत ऐसी जिसे कोई ना तोड़ पाये,
प्यार में जो दीवानगी को भी पीछे छोड़ जाये,
वही है प्यार जो बेहद केहलाए।

एक ऐसा प्यार जिसमे सुकून मिल जाये,
सुकून ऐसा जो कोई ना जान पाये,
इस सुकून को पाने जो हर हद परकर जाये,
वही है प्यार जो बेहद  केहलाए।।

एक ऐसा प्यार जो जीना सिख जाये,
प्यार ऐसा जो मौत के बाद भी न मर पाये,
प्यार जो इतिहास बन जाये,
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

एक ऐसा प्यार जिस्मे नींदे उड़ जाये,
होश,चैन,दिल सब कुछ खो जाये,
जो अपने मेहबूब के हँसी के लिए मर मिट जाये
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

प्यार ऐसा जिस्मे कोई शर्त न होये,
बिन शर्त के प्यार हे तो सचा प्यार कहलावे,
प्यार ऐसा जिस्मे सिर्फ बेइंतहा मोहोबत होये
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

प्यार ऐसा जो दुनिया भुला दे,
हर जगह बस वो ही वोह नज़र औए,
जिस्के लिए हम हर रिश्ता भूल जाये,
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

प्यारा ऐसा जो बिना कहे सब समझ जाये,
जहा किसी लफ्ज़ो की जरुरत न होये,
दिल के बाथ जो अंक्खो से ही समझ जाये,
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

एक ऐसा प्यारा जो कभी हार न माने,
अपनी मंज़िल को शिदत से पाये,
जहा दो प्यार करने वाले हर मुशकिल को पर कर एक हो जाये,
वही है प्यार जो बेहद केहलाये।

एक ऐसा प्यार जो दो लोगो को एक कर जाये,
अलग होकर भी जो अलग न हो पाये,
राधा कृष्ण की तरह जो जन्मों तक बांध जाये,
वही है प्यार जो बेहद कहलाये।

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