CHAND(MOON)

Excerpt: In this Hindi poetry poetess express her feeling about moon. She feels romantic and spends her time with the moon which gives the message of love,affection,calm beyond any distance. (Reads: 127)

 

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Hindi Poem – Chand
Photo credit: xololounge from morguefile.com

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

हो दूर फिर भी पास हो ,अपनेपन का एहसास हो|

तुम्हें देखकर दिल करता है गले लगा लूँ ,तारों को चादर और तुम्हें तकिया बना लूँ |

सादगी है ,शीतलता है तुममें ,प्यारा सा चेहरा है तुममें |

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

हर रात साथ बिताऊं तुम्हारें ,दिल से गीत गुनगुनाऊँ तुम्हारें |

अपनी चांदनी से लाते हो उजाला ,तभी तो ये दिल हो जाता है मतवाला |

खूबसूरत लगती है तुम्हारी मुस्कान ,हर लेती है ये सारी थकान|

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

हर दिन करती हूँ तुम्हारा इंतज़ार ,शुरू होती है तुमसे ही बातों की बाहार|

कभी बनाती हूँ तुमको दोस्त सच्चा ,तो कभी बनाती हु तुमको बच्चा |

तुमसे ही तो जुडी है सारी शैतानी ,जैसे सदियों की हो कोई कहानी |

प्यार का रूप हो तुम ,ईश्वर का प्रतीक हो तुम |

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

साथ तुम्हे जब रहतीं हूँ गम नहीं कोई पास आता है ,

तुम्हारी मुस्कान से ये दिल खिल सा जाता है |

श्वेत चाँदनी में तुम उज्जवल निर्मल लगते हो ,

तन से चंचल मन से कोमल लगते हो |

बिन मेरे तेरी चाँदनी है फीकी सी ,

बिन तेरे मेरी जिंदगी है अधूरी सी |गर साथ हैं हम तो जिंदगी है महकी सी

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

ऐ चाँद ! अपनी बाँहों को पसारे ,कभी आओ हमारे द्वारे |

तुम्हारी नटखट निगाहों से लगते हो बड़े प्यारे |

एक मुस्कान तो दिखाओ, कभी पास भी आओ |

कब तक करूँ इंतज़ार ,ये दिल है बेकरार |

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

सर्दी हो या गर्मी ताकती हूँ तुमको ,

मानो तुम्हारी निगाहें झांकती हैं मुझको |

चुप तुम हो ,चुप मैं हूँ ,फिर भी इन खामोशियों में झनझनाहट है ,

तभी तो दिलो में एक सनसनाहट है |

इन सर्दियों में एक सरसराहट है ,लगता है तुम्हारे आने की ये आहट है |

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको देखकर दिल ये झूमें |

रोज़ बाँहों में झुलाते हो ,सपनों में तुम सताते हो |

एक दिन पास तुम्हारें आऊँगी,तब तुमको तुमसे मिलवाऊँगी|

कान पकड़ के खीचूँगी ,हौले से तब ये पूछूँगी …

चाँद कहूँ या मून तुम्हें ,तुमको

देखकर ये दिल झूमें …!!!!


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