India Ki Beti – Bharat Ki Beti

Excerpt: This Hindi poem describes about India's modern girls involved in IT jobs and compares them with respected girls who have migrated to cities for jobs. (Reads: 51)

 

इंडिया की बेटी – भारत की बेटी

एक ओर है , इंडिया की बेटी,
प्रोफ़ेशनल प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु ,
नियम से कोचिंग जाती ,
अच्छा स्वास्थ्य पाने हेतु
नियम से जिम जाती ,
नियम से योग करती ,
प्राप्त कर उच्च शिक्षा विदेशी,
कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यरत हो,
अच्छे औंधे पर आसीन होतीl

कभी डॉलर, कभी यूरो कमाती ,
कभी कॉन्फ्रेंस -वर्कशॉप ,
कभी डेस्टिनेशन वेडिंग में भाग लेती ,
कभी नए स्टाइल की क्रोकरी ,
कभी नई ट्रेंड की साडी खरीदती,
कभी विदेशों में छुटियाँ बिताती ,
हीरे जेवरात पहनकर ,
वेस्टर्न ड्रेस्सेस अटैची में बंदकर ,
दहलीज़ पर जौ के फुले बिखराकर ,
चली जाती अपने,प्रियतम के गावँ l

दूसरी ओर है भारत की बेटी,
मूल भूत सुविधाओं को तरसती ,
हिंदी माध्यम की पाठशाला में पढ़ती ,
ना रेडियो सुन पाती,ना टीवी देख पाती l
परिवार में त्योहारों पे,
लोक गीत सुनती -सुनाती ,
और उन्हीं लोक गीतों पर ,
ढेर सा धमाल मचाती l

घर घर बरतन मांजकर , कपड़े धो कर ,
घर घर स्वादिष्ट भोजन बनाकर ,
अपने घर चुहले पर ,
अपने परिवार हेतु
पौष्टिक भोजन बनाती l

पढ़ाई की भी ,
भर्सक चेष्टा करती ,
कंप्यूटर सिखने का भी प्रयास करती ,
बढ़े समृद्ध घरों में बच्चों ,
के साथ हर्षित रहती l

घोर कठिन परिश्रम करती ,
दरवाज़े पर सुन्दर रंगोली बनाकर,
घर आंगन की क्यारियां सींचकर ,
छोटी मोटी जीविका कमाती ,
प्रसन्न चित रहतीl

पोटलियों में चाँदी के गहने समेटती ,
सुंदर चटकीली साड़ी ,
साफ सलीके से पहनती ,
महंगी साड़ियों को संभालती ,
और छोटे से ट्रंक में बंद करके ,
सर पर जिम्मेवारी का पल्लू लपेटती ,
दहलीज़ पर चावल बिखराकर ,
चली जाती अपने, प्रियतम के गावँ l

इंडिया की बेटी एवं भारत की बेटी ,
दोनों है औलोकिक एवं अनूठी ,
मानो जैसे समान्तर रेखाये परस्पर,
समय के साथ मेल बढ़ा रहीं,
नज़दीक आ कर परस्पर l

ये है ईश्वर की कृतियां सर्वोत्तम,
जब ये मिल जायेंगी रेखाएं परस्पर,
जो कभी लगती थी, रेखाये समान्तर,
उज्जवल सिंधु बनाएंगी एक बिंदु पर ,
तब होगा हमारे देश का विकास निरंतर l

END
Dr Sukarma Rani Thareja
Alumnus IIT-Kanpur
Associate Professor(Retired)
CSJM Kanpur University
UP,India

About the Author

sukarma Thareja

Dr Sukarma Rani Thareja is an Associate Professor of chemistry in , Christ Church College, CSJM Kanpur university, Kanpur, UP, India.She did Ph.D Chemistry from IIT-K , India. She has teaching and research experience of several years. Her works has been published in National/International conferences/Journal. In order to inculcate personal and creative interests in students she engages them in summarizing lectures after finishing a chapter in their own words and their own ways. On her part, to make students enjoy attending classes(academic or co curricular) she composes small poems, educational collages to introduce /recapitulate her lessons. This way students have an opportunity to combine chemistry information with their personal reactions. The poem/ educational collage listed above is her humble effort to make co curricular /academic activities popular among masses which otherwise could be monologue. Her academic venture has featured in 1.Collagista magazine(Educational collage) (ISSN: 1837-4891 (PRINT) 2.Crab Fat Magazine(mixed media collage) (ISSN 2374-2526)3.EuroScientist is EuroScience’s webzine(Scientific poem) (ISSN Number-2072-8581), 4.Kaaterskillbasin journal USA(scientific poem:Quantum Chemistry Ageing)( ISSN 2374-2526 ), 5.http://www.sawtrust.org /worldwide/science-through-poetry-in-india/Poem-Ph World (ISBN 0-. 9550180-0-5),6. http://www.sciencerhymes.com-poem-Thermodynamics 7.Ashvamegh on line Indian Journal of English Literature poem –Little Quanta (ISSN:2454-4574) 8. The Voices Project (USA)Empowering Women Through Self-Expression http://www.thevoicesproject.org/poetry-library 9.Photobition –GLAMOUR 2nd online photography exhibition(1stmarch-15th march 2016) 10.http://www.poetryspace.co.uk/2016/03/spring-showcase-march-2016/- poem by Dr Mrs Sukarma Rani Thareja entitled”Le Chatleirs Principle An online poetry website based in Bristol, UK. ... ISBN 9781909404250

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