Hindi Poems on School Days and Friends

Excerpt: Hindi Poems on School Days: Read two beautiful Hindi poems "Jaane Hum Kab Badal Gaye" and "Hum Chal Diye" Remembering school days and friends. (Reads: 70,805)

 

Hindi Poems on School Days and Friends

1. जाने हम कब बदल गए… Hindi Poem

खामोशी के पन्नो पर बचपन की याद लिख दे ,

इन अनसुनी राहों पर आज कोई फ़रियाद  लिख दे .

वो कोमल सी निष्पाप हँसी , वो खिलखिलाता सा मन ,

ना जाने इन यादों में , कैसे खो गया बचपन !

पलट कर देख, वही महका समां है ,

यादों की करवटों में झूमता जहां हैं .

बचपन की डोर ने जाने कितने रिश्ते हैं बांधे ,

प्यार से , मासूम गांठें हैं बाँधीं .

आज़ाद था मन , आज़ाद थे हम ,

दुःख , पीड़ा , ईर्ष्या , द्वेष , कहाँ जाने थे हम .

दोस्तों की बातें दिल की नजदीकियां बन जाती थीं ,

आपसी तकरार जीवन की नवनिधि बन जाती थी .

क्या थे वो दिन बस यूँ ही गुज़र गए ,

गुमनाम इन राहों में , जाने हम कब बदल गए !

यादों का संचार है,

जिन पर हमें अभिमान है .

इन यादों को आज मेरा सलाम है ,

जिन यादों में डूबता ये जहां हैं.

2. हम चल दिए…. Hindi Poem

कानों में घंटी की आवाज़ फिर गूँज उठेगी ,

टीचर की प्यार भरी डांट जैसे कानों को छू कर निकलेगी .

हँसीं के ठहाके , फिर थोड़ी सी शरारत ,

दोस्त की प्यार भरी मुस्कान , फिर थोड़ी सी नज़ाकत .

संजोयी हैं यादें यहाँ कितनी सारी ,

जाने ज़िन्दगी कब उड़ चली .

स्कूल की हर याद जैसे दिल के भीतर बस जायगी ,

याद आएंगे ये पल , याद आएगी ये दुनिया .

आँखों के समक्ष हर पल की धुंधली तस्वीर लौट आएगी ,

कानों में जैसे हर लफ्ज़ की झंकार सुनाई पड़ जायगी .

मैडम के प्यार , आशीर्वाद के लिए लम्हे तरस जायेंगे ,

दोस्तों की एक झलक के लिए , आँखें नम हो जायंगी .

प्यार की मज़बूत डोर बंध जायगी ,

यादों की डोलियाँ जो हमारे संग जाएँगी ,

जब स्कूल के जीवन की गतिविधि पूरी होगी….

चल पड़ेंगे हम अपनी नयी दुनिया बसाने ,

ख़्वाबों के नए दीप जलाने .

सपनों की नयी आस जगेगी ,

यादों की वही डोली सजेगी .

थिरक जायेंगे कदम नयी धुन पर ,

ठहर जाएगी हवा नयी सरगम पर .

खिलेंगे नए फूल इस गुलशन में ,

नयी कलियों की महक आँगन में बहेगी ,

जब स्कूल के जीवन की गतिविधि पूरी होगी….

__END__

About the Author

Recommended for you

Comments

Comments

Leave a Reply