Woman Association, IIT Kanpur

Excerpt: The Hindi poem describes about Women's Association of IIT Kanpur which help women of IIT Kanpur campus by giving them platform of social interactions (Reads: 17)

 

वोमेन एसोसिएशन – आई आई टी -कानपुर

वोमेन एसोसिएशन( व० ए०),
आई आई टी –कानपुर की,
बगिया है वैज्ञानिक संस्थान की ,
नारी सशक्तिकरण ,एवं नारी सीख क़ी.
बसती है कैंपस के मकान नंबर 605 में,
पर व्यस्त रहती यह एसोसिएशन,
अपने ही संकल्पित आसमान में l

महिला है आत्मा समाज की ,
व० ए० है आत्मा कैंपस की ,
प्रत्येक मैम्बर व० ए० की,
सुगुणों की सांझे दारी का प्रतिबिम्ब है ,
कलेक्टिव आत्मा व० ए० की l

सर्वागीण विकास हेतु ,
महिलाओं बच्चों के हित में ,
हिडन प्रतिभाओ को उकेरने हेतु ,
व० ए० ढेरों प्रयास करती,
और कभी नहीं थकती l

नव वर्ष , ईद ,क्रिसमस,दीपावली एवं होली ,
हर्ष पूर्वक मनाने के लिए व० ए०,
तरह तरह के विकल्प तैयार करती ,
एयरोबिक क्लासेज ,कुकिंग कम्पटीशन ,
जैसे बहुयामी अनूठे आयोजन कर,
सभी प्रतिभागीयों को मूल भूत सुविधा देती ,
आयोजनों में – व० ए० ,
सुनहरे मौके देती , महिला आनन्दित ,
बच्चों संग बच्चे बन ,आगे बढ़ती l

संस्थान के सज्जन पुरुष व कर्मचारी,
बढ़कर देते सहयोग व० ए० के ,
सभी आयोजनों में,
उसी के चलते व० ए० – फैकल्टी क्लब(फ० क० )
भाई चारे के सुन्दर ताने बाने बनते l

व० ए० – फ० क० प्लेटफार्म है अनोखा,
बूढ़े, बच्चे एवं युवा के ,
अंदर यह नया उत्साह भरता ,
प्रत्येक मेम्बर अपने,
अंदर नयी प्रतिभाये ,
ढूंढने का अनूठा प्रयास करता ,
जब व० ए० -फ० क० की ओर से ,
बैडमिंटन टूर्नामेंट के आयोजन होते ,
कैंपस की आलौकिक खेल प्रतिभायें ,
खिल उठती हर्ष उत्साह से l

उम्र के प्रत्येक पड़ाव में संस्थान के ,
व० ए० की सहज भूमिका रहती ,
प्रत्येक मेम्बर एवं बालकोँ को,
न केवल नया मुकाम मिलता,
अपितु उड़ने का आसमान भी मिलता,
इसीलिए वैज्ञानिक संस्थान भी,
व० ए० – की सभी एक्टिविटीज में,
विशेष प्रशंसा भरी इंद्रधनुष कूँचियों से ,
नए नए रंग कुशलता से भरता l

व० ए० के सभी आयोजन होते क्रिएटिव ,
तस्वीर संजीदगी एवं सादगी की,
झलकती सरल वयवस्था में इनकी,
इसीलिए सौजन्य से व० ए० के ,
आयोजित कार्यक्रमों से वैज्ञानिक,
संस्थान -कैम्पस नतमस्तक ,
ऊर्जा ले, रह्ता हर्षित एवं गर्वित l

सुकर्मा रानी थरेजा
अलुमनस आई आई टी -कानपुर (1986)
मकान नंबर-629
आई आई टी -कानपुर -कैंपस

About the Author

sukarma Thareja

Dr Sukarma Rani Thareja is an Associate Professor of chemistry in , Christ Church College, CSJM Kanpur university, Kanpur, UP, India.She did Ph.D Chemistry from IIT-K , India. She has teaching and research experience of several years. Her works has been published in National/International conferences/Journal. In order to inculcate personal and creative interests in students she engages them in summarizing lectures after finishing a chapter in their own words and their own ways. On her part, to make students enjoy attending classes(academic or co curricular) she composes small poems, educational collages to introduce /recapitulate her lessons. This way students have an opportunity to combine chemistry information with their personal reactions. The poem/ educational collage listed above is her humble effort to make co curricular /academic activities popular among masses which otherwise could be monologue. Her academic venture has featured in 1.Collagista magazine(Educational collage) (ISSN: 1837-4891 (PRINT) 2.Crab Fat Magazine(mixed media collage) (ISSN 2374-2526)3.EuroScientist is EuroScience’s webzine(Scientific poem) (ISSN Number-2072-8581), 4.Kaaterskillbasin journal USA(scientific poem:Quantum Chemistry Ageing)( ISSN 2374-2526 ), 5.http://www.sawtrust.org /worldwide/science-through-poetry-in-india/Poem-Ph World (ISBN 0-. 9550180-0-5),6. http://www.sciencerhymes.com-poem-Thermodynamics 7.Ashvamegh on line Indian Journal of English Literature poem –Little Quanta (ISSN:2454-4574) 8. The Voices Project (USA)Empowering Women Through Self-Expression http://www.thevoicesproject.org/poetry-library 9.Photobition –GLAMOUR 2nd online photography exhibition(1stmarch-15th march 2016) 10.http://www.poetryspace.co.uk/2016/03/spring-showcase-march-2016/- poem by Dr Mrs Sukarma Rani Thareja entitled”Le Chatleirs Principle An online poetry website based in Bristol, UK. ... ISBN 9781909404250

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