Emergency

Excerpt: This Hindi story revolving around an interrogation; and in-between of it there are constant bomb blasts happening in the city whose reason is a mystery. (Reads: 163)

 

 

“मैंने ,मैंने उसे नहीं मारा !”

“अच्छा! तो तुम्हारे कपड़ो पर लगे खून के निशान कहाँ से आये ? वह भी उसके खून से मैच हो चुके हैं !”…. …… “देखो ,तुम कल रात से गायब थी ,आखिर सच क्या हैं ?”

“वो। …. वो कल रात को मैं वहाँ से गुज़र रही थी और मुझे वह खून से सना हुआ घायल पड़ा दिखा। मैं उसे उठा कर हॉस्पिटल ले जाने कि कोशिश करने लगी और……

“sorry sir ,but its urgent ! you need to come outside !”

“ok Shinde ,leave .”

“yes Shinde ,क्या हुआ ,मुझे बाहर क्यूँ बुलाया ?”

“sir ,East side अभी -अभी एक और blast हुआ हैं। ”

“Oh God ! शहर में आज यह सब हो क्या रहा हैं !”

“sir अभी तक……

“I know , high alert मे एक और warning announce कर दो और अपनी team के साथ सारे शहर में investigation जारी रखो। हमें जल्द से जल्द कुछ करना होगा। “,इतना कहकर मोहित फिर से investigation room में चला गया।

“हाँ ,तो तुम्हें वह घायल पड़ा दिखा ,फिर ?”

“मैं ,मैं उसे hospital ले जाने के लिये उठाने लगी और वहाँ एक ऑटोरिक्शा वाले को देखा ,तो उसे रुकने …. रोकने के लिये ……..

“Please ! अब चुप करो ,बस करो ! पहले तुमने कहा तुम उसे नहीं जानती ! फिर तुमने कहा उसने तुम पर हमला किया और अब ….. अब तुम कह रही हो कि तुम्हें वह घायल पड़ा मिला !”…….. “पिछले 3 घण्टे से तुम अलग -अलग कहानियां सुनायें जा रही हों !”

“वो मैं घबरा गयीं हुँ ,आप तो जानते ही हो जब मैं घबरा जाती हुँ तो कुछ भी कहने लगती हुँ। ”

“आप नहीं sir! यह हमारा घर नहीं हैं करुणा !”

“माफ़ कीजिये , sir !”

“Its okay , I don’t know , कुछ समझ नहीं आ रहा हैं , आखिर यह सब हो क्या रहा हैं ! तुम्हें अंदाज़ा भी नहीं हैं आज सुबह से शहर में चल क्या रहा हैं ! और इन सब के बीच तुम !!! तुम सच बता क्यूँ नहीं देती ! उस आदमी के पास 4 Passports और 7 International sim cards निकले हैं ! वह कोई आम आदमी नहीं हो सकता। क्या हुआ था कल रात को Please बता दो करुणा !”

“मैं सच कहती हुँ मैंने कुछ नहीं किया। ”

“मैं जानता हुँ , पर कल रात को हुआ क्या था यह तो सच बताओ ! तभी मैं कुछ कर सकुँगा। अपनी Research के बारे में ही सोच कर बता दो। 3 साल से तुम उसमें लगी हो। कितनी करीब हो ना तुम उसे पूरा करने मे। बस सच बता दो करुणा बाकी सब मुझ पर छोड़ दो। ”

करुणा यह सुन कर दो मिनट तक कुछ सोचने लगी , फिर कुछ कहने की हिम्मत जुटा कर बोल पाई ;” मोहित , मुझे माफ़ करना …..

“sir ! sir !”

“हाँ शिन्दे। ” , मोहित ने बीच में आई शिंदे की पुकार का जवाब देते हुये कहा।

“सर पांचवा ब्लास्ट !”

“Oh my God ! करुणा मैं तुमसे बाद में बात करता हुँ , I need to go now ! शिंदे madam के लिये तब तक एक मौसंबी जूस without any sugar ; मैं आता हुँ ”

“अरे मोहित जो मैं कहना…. बताना चाहती हुँ ……

“करुणा कुछ दैर आराम करो। मैं आता हुँ। ” इतना कहते हुए मोहित शिंदे के साथ कमरे से बाहर निकल गया। करुणा वहीँ कुर्सी पर सून्न सी बैठी एकटक देखती रह गयी।

“Shinde we need special squad ! एक के बाद एक ऐसे blasts हो रहें हैं जैसे कोई खेल चल रहा हो !”

“Yes sir , special squad और bomb squad को बुलाया जा रहा हैं। ……. सर करुणा मैडम कैसी हैं ?”

“क्या पता शिंदे क्या हो गया हैं उसे ! ; खैर उस आदमी के बारे में कुछ information मिली ?”

“नहीं सर ! वह कौन हैं , कहाँ से और कब आया कुछ भी कहना नामुमकिन हैं !”

“This is unbelievable Shinde ! एक अनजान आदमी , 4 passports और 7 अलग -अलग international sim cards के साथ मरा पड़ा मिलता हैं और हमें उसके बारे में क्या पता हैं ! कुछ नहीं ! ‘Not even his name !” …… “हमारे पास हैं क्या ! बस यह जला हुआ झण्डा जो उसके पास से बरामद हुआ !” …… ” और ऊपर से पिछले एक घण्टे में 5 bomb blasts !!!”

” सब कुछ ऐसे हो रहा हैं जैसे …. जैसे कोई ……

“Hello ! yes ! हाँ राठौर , हाँ ……. गुड। .. ठीक हैं , और investigation जारी रखो !”

“क्या हुआ शिंदे ? क्या पता चला राठौर को ?”

“सर आपका अंदाज़ा सही था। उस जले हुये झण्डे पर जो अजीब से निशान और बू थी वह कबूतरों की ही थी। राठौर को पता चला हैं कि वह आदमी पिछले एक महीने से M.G . रोड वाले कबूतर खाने में रह रहा था। पर …. सर …

“पर … पर क्या शिंदे ?”

“बोलो आगे …..

“सर वहाँ उसे अक्सर एक औरत के साथ के साथ कुछ लोगों ने देखा हैं , वो औरत सर , सर वो health-height में करुणा मैडम जितनी ही ….

“रुको ! रुको ! शिंदे क्या वहाँ अभी कोई कबूतर हैं ?”

“कहाँ सर ?”

“कबूतर खाने में जहाँ उस आदमी के होने की info मिली ”

“सर मैं अभी पुछ कर बताता हुँ। ”

“नहीं सर ,अजीब बात हैं ! कबूतर खाने में इस वक़्त कोई कबूतर नहीं हैं , वह पूरी तरह खली पड़ा हैं !”

“Shit !!! Shinde we are in huge problem! कबूतर खाने में लगभग कितने कबूतर होंगें ?”

“सर कम से कम 100 तो होंगें। ”

“सर ! सर ! करुणा मैडम ने काँच से अपनी नस काट ली !”

“Oh shit , उसे immediately hospital ले कर जाओ !”

तभी टेबल पर रखा फ़ोन अपनी आवाज़ के सन्नाटे से सबको खामोश कर देता हैं।

“Hello !”,मोहित फ़ोन जल्दबाज़ी में उठता हैं।

“Yes सर! ……. ” Sir its an Emergency ” पूरे शहर में कर्फ्यू लगाना होगा and पूरे शहर में और आस पास से जितने कबूतर पकड़ने वाले लॊग हैं उन्हें जल्द से जल्द बुलाना होगा , हमे उनकी ज़रूरत होगी , शहर में 95 blasts और हो सकते हैं !!!” ….

“मोहित सिर्फ एक सवाल !”

“yes सर !”

“करुणा किस पर research कर रही थी ?”

“Sir ,Biological Weapons through modern Engineering!” ……. …….

–END–

About the Author

Pranjal Joshi

I am an electronic media student and currently studying. I love and interested in film making . Me and my fellow friends have made a small production group namely "Light Trails Production". https://www.youtube.com/channel/UCrAvT-6OJiHGsUoWQvimRhQ. We make Short films,Music videos,Documentaries and Advertisements. I am very much interested in writting. I write stories,poems,articles,satires and almost every type of writtig work. I do photography also.

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